संवैधानिक राष्ट्र | अपनी बात Blog
" हिन्दू राष्ट्र की बाते करने वाले तत्व धर्म के बारे मे लोगो को गुमराह करके और राष्ट्रीय हितो को ताक मे रखकर येन-केन-प्रकारेण सत्ता पर बने रहने पर तुले हुए है, ऐसे तत्वों को देश की सैकडों पुरानी धार्मिक सहिष्णुता की परम्परा को खाक मे मिलाने की कोशिश की जा रही है । ऐसे तत्वों को सत्ता से निकाल बाहर करके उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए । धर्म निरपेक्ष ताकते देश में साम्प्रदायिक एवं जातिवादी तत्वों का कारगर ढंग से मुकाबला करने में विफल रही है।अगर देश में साम्प्रदायिक एंव जातिवादी तत्व इसी प्रकार बढते रहे तो निकट भविष्य में देश के हालात गंभीर और चिन्ताजनक होगे । जाति और धर्म के नाम पर चुनाव जीत कर सरकारें तो बनायी जा सकती है, पर इससे देश की बुनियादी समस्याएं हल नही की जा सकती। गरीबों पर हो रहे अत्याचारों को महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलकर दूर करना होगा।हमारे देश के ॠषि मुनियों ने वसुधैव कुटुम्बकम् की बात की थी और महात्मा गांधी ने धर्म को चर्चा के रूप में रखकर उसकी पवित्रता बनाये रखे थी, पर आज धर्म के नाम पर देश को बांटा जा रहा है, जिसका सभी को एकताबद्ध होकर विरोध ...