आजादी दिलाने वाली पुस्तक गीता
!☆! 1-भारत में आजादी दिलाने वाली तमाम पुस्तकों में गीता सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि आजादी की रक्षा किस प्रकार की जाए इसकी विधि केवल गीता में ही मिलती है। हालैंड के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रनेता मि.डिवेलरा की भेंट जब लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक से हुई ,तो मि. डिवेलरा ने उनसे पूछा कि " यदि एक ओर आजादी रख दी जाए और दूसरी तरफ गीता, तब आप आजादी लेगें या गीता।" तिलक ने उत्तर दिया, आजादी की अपेक्षा वे गीता को लेना पसंद करेगें, क्योंकि यदि गीता देश में बनी रहेगी, तो देशवासी आजादी कभी न कभी उसके सहारे पा लेगें और यदि गीता देश से चली गई तो प्राप्त की गई आजादी कभी न कभी विलीन हो जाएगी। लोकमान्य तिलक ने मान्डले जेल में रहकर गीता का मनन किया और उसके रहस्यों को उद्घाटत किया । तिलक के बाद उनके अनुयायी महात्मा गांधी ने इंग्लैंड में रहकर गीता का मनन किया और माता के रूप में उसको सम्मानित किया। आचार्य विनोवा भावे गीता पर महत्वपूर्ण ग्रंथ "गीता प्रवचन " के नाम से संपादित किया। अनेक धर्माचार्यो ने गीता पर अपने भाष्य लिखे।वीशवी शदी के उत्तरार...